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ट्रेनिंग के नाम पर 500 रुपये मांगने पर भड़के दुकानदार

स्थानीय बाजार में फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन के तहत पंजीकृत संस्थान द्वारा आवश्यक ट्रेनिंग की एवज में 500 रुपये मांगने पर दुकानदार भड़क गए। डिजीटल स्किल सर्टिफिकेशन एंड एस्योर क्वालिटी मैनेजमेंट सर्टिफिकेशन सर्विसिज प्राइवेट लिमिटेड ऊना के कारिंदों ने ट्रेनिंग देने के नाम पर पांच सौ रुपये मांगे।

इस पर दुकानदार लामबंद हो गए। जब इस बारे में उपमंडलाधिकारी कार्यालय में पता किया गया तो पता चला कि उक्त संस्था और ट्रेनिंग के बारे में कोई भी जानकारी कार्यालय में नहीं है। मामले की जांच के लिए एसडीएम बंगाणा ने थाना बंगाणा प्रभारी को निर्देश दिए।

उपमंडल बंगाणा बाजार के दुकानदारों का आरोप है कि संस्था के लोग हर दुकान पर जाकर फार्म भरने और पांच सौ रुपये पंजीकरण के नाम पर गोल्डन रुल्स ऑफ एफएसएसएआई, हेड मास्क, गल्ब्ज, ऐप्रन, माउथ मास्क देने और खाद्य वस्तुएं बेचने के दौरान इनका प्रयोग किस प्रकार करना है कि जानकारी देने की बात की। 

दुकानदारों का कहना है कि संस्था ने यहां तक भी कह दिया कि अगर प्रशिक्षण आप लोग नहीं लेते तो आपका लाइसेंस न तो बनेगा और न ही नवीनीकृत हो पाएगा। साथ ही प्रशिक्षण न लेने पर जुर्माना होने तक की बात कह डाली। इस मामले को दुकानदार रणजीत सिंह और बीडीसी सदस्य रणवीर राणा ने उठाया और मामले की तह तक जाने का प्रयास किया।

एनजीओ के कॉर्डिनेटर अमरदीप चंदेल ने कहा कि हेल्थ सेफ्टी एंड रेगुलेशन डिपार्टमेंट के ज्वाइंट कमिश्नर कम डायरेक्टर डॉ. विशाल कुमार लट्ठ के निर्देशानुसार हमें जिला की जिम्मेवारी सौंपी गई है। इसके तहत जिले के दुकानदारों को सुरक्षित और साफ-सुथरा सामान बेचने को प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरी ओर पुलिस थाना बंगाणा के कार्यकारी प्रभारी एएसआई प्रेमपाल का कहना है कि इस संबंध में विभाग से संपर्क किया जा रहा है।


जांच के लिए दिए निर्देश : एसडीएम



एसडीएम विशाल शर्मा का कहना है कि इस संबंध में दुकानदारों की लिखित शिकायत कार्यालय में पहुंची है। विभाग द्वारा इसकी कोई सूचना हमारे पास नहीं आई है। मामले की जांच के लिए थाना बंगाणा प्रभारी कमलनैन को जिम्मेवारी सौंपी गई है।

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