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17 सदस्यीय कमेटी गठित,हिमाचल में दूसरी से पांचवीं तक बच्चे पढ़ेंगे संस्कृत

प्रदेश भर के दूसरी से पांचवीं तक के बच्चे अब हिंदी और अंग्रेजी के साथ संस्कृत की पढ़ाई भी करेंगे। इसके लिए राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कवायद शुरू कर दी है। स्कूलों में दूसरी कक्षा से संस्कृत का पाठ्यक्रम और विषय शुरू करने में आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों पर मंथन होगा।

इसके लिए बोर्ड ने प्रदेश भर के महाविद्यालयों, स्कूलों और संस्कृत के क्षेत्र में काम कर रहीं संस्थाओं के पदाधिकारियों की 17 सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी बोर्ड को पाठ्यक्रम सहित अन्य सुझाव देगी।

उधर, राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव धर्मेश रामोत्रा ने बताया कि दूसरी कक्षा से संस्कृत शुरू करने के लिए बोर्ड ने कवायद शुरू कर दी है। स्कूलों में संस्कृत पढ़ाने वाले शिक्षकों से इस संबंध में सुझाव लिए जाएंगे।
नई शिक्षा नीति के तहत भी भेजा है प्रस्ताव
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राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नई शिक्षा नीति में बच्चों को त्रिस्तरीय भाषा आधार पर पढ़ाई करवाने का प्रस्ताव एमएचआरडी को भेजा है। इसमें नई शिक्षा नीति में स्कूलों में संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी पढ़ाने की पैरवी की गई है। इससे स्कूली बच्चों की भाषा पर अच्छे से पकड़ बन सके।

संस्कृत भाषा में हैं 102 अरब शब्द


संस्कृत भाषा में 102 अरब शब्दों का संग्रह है। विश्व भर में सबसे अधिक शब्दों वाली एकमात्र संस्कृत भाषा है। संस्कृत भाषा के कई शब्दों का प्रयोग अन्य भाषाओं में भी होता है। लाभकारी परिणामों को देखते हुए यूरोप के कई देशों के स्कूलों में संस्कृत भाषा पढ़ाई जा रही है।

बुधवार को रखी है कमेटी की बैठक

दूसरी कक्षा से संस्कृत शुरू करने के लिए कमेटी की पहली बैठक बुधवार को रखी गई है। स्कूल शिक्षा बोर्ड कार्यालय में 25 सितंबर को बैठक होगी।

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