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शिक्षा मंत्री बोले; डाक्टर और वकील की तरह अध्यापकों के लिए भी वर्दी हो, तो अच्छा लगेगा

डाक्टर व वकीलों की तरह हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अगर शिक्षकों के  लिए भी ड्रेस कोड हो, तो वह अच्छा लगेगा। वहीं एक ही ड्रेस में जब शिक्षक स्कूलों में जाएंगे, तो छात्र भी उनसे अनुसरण करेंगे। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह बात शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही।

 उन्होंने कहा कि अभी तो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए कोई ड्रेस कोड फाइनल नहीं किया गया है, लेकिन जल्द ही इस मामले पर शिक्षाविदों से सुझाव लिए जाएंगे। शिक्षाविदों के सुझाव के बाद शिक्षकों के लिए भी एक जैसा ड्रेस कोड फाइनल किया जाएंगा। शिक्षा मंत्री कहते है कि स्कूल आने वाले शिक्षक अगर साधारण दिखेंगे,

शिक्षा मंत्री बोले; डाक्टर और वकील की तरह अध्यापकों के लिए भी वर्दी हो, तो अच्छा लगेगा


तो तभी बच्चे भी अपने जीवन में फैशन कम और पढ़ाई के साथ-साथ समाज से जुड़े मुद्दों को अपने जीवन में प्रमुखता देंगे। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस दौरान सोलन जिला के धुंधन स्कूल में शिक्षकों के लिए तय किए एक  ही ड्रेस कोड की सराहना करते हुए कहा कि बाकी स्कूलों में भी ऐसी पहल होनी चाहिए। दरअसल सरकारी स्कूलों में छेड़खानी के मामलों को रोकने के लिए शिक्षा विभाग शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड तय करने की बात कर रहा है।

 बता दें कि जिलों से अभिभावकों ने भी ड्रेस कोड तय करने के लिए शिक्षा विभाग पर दबाव बनाया है। इसी दबाव व सुझाव के बाद सरकार ने शिक्षकों को साफ कहा है कि वह स्कूलों में डार्क रंग की ड्रेस पहनकर न आए। इस दौरान मेल शिक्षकों को टाइट टीशर्ट व जींस से दूरी बनाएं रखने और साथ ही महिला शिक्षकों को फैशन टाइप कपड़े, जिसमें खुली पलाजों, फ्रॉक सूट, गाउन, डेनी ड्रेस, डेमिन जैकेट व कई तरह के चमक-दमक वाले सूट शामिल किए गए हैं।

मोबाइल पर भी बनेगा नियम


शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने साफ कहा है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षक  मोबाइल का भी कम प्रयोग करें, इसको लेकर भी जल्द कोई सख्त कानून बनाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि शिक्षा निदेशक ने एक हफ्ते पहले स्कूलों के लिए यह भी एडवाइजरी जारी की है कि स्कूल समय में मोबाइल का कम इस्तेमाल किया जाए। इसके साथ ही कक्षा में जाने से पहले अपने मोबाइल को स्टाफ रूम या फिर प्रधानाचार्य के आफिस में जमा करवाया जाए

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